नीति आयोग | Niti aayog

नीति आयोग का गठन 

स्वतंत्रता के पश्चात भारत में नियोजन प्रणाली को लागू किया गया। अतः भारत में पंचवर्षीय योजनाओं को बनाने के लिए 15 मार्च 1950 को योजना आयोग की स्थापना की गई। योजना आयोग की कमियों को देखते हुए 15 अगस्त 2014 को योजना आयोग को समाप्त कर दिया गया तथा उसके स्थान पर 4 जनवरी 2015 को नीति आयोग की स्थापना की गई | यहां एक सलाहकार संस्था है जो सरकार के थिंकरटैंक के रूप में सेवाएं देगा और केंद्र व राज्य सरकारों को नीति निर्माण के संबंध में प्रासंगिक, महत्वपूर्ण एवं तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराएगा।यह सहकारी संघवाद की भावना पर कार्य करता है क्‍योंकि यह राज्यों की समान भागीदारी सुनिश्चित करता है।

संरचना

अध्यक्ष – इसका अध्यक्ष भारत का प्रधानमंत्री होता है। अतः इसके प्रथम तथा वर्तमान अध्यक्ष नरेंद्र मोदी जी हैं।
उपाध्यक्ष – इसका उपाध्यक्ष प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त किया जाता है इसके प्रथम उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया हे तथा वर्तमान उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार है।
सचिव – भारत सरकार के सचिव स्तर का अधिकारी निश्चित कार्यकाल हेतु प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त किया जाता है।इसके प्रथम सचिव सिंधुश्री खुल्लर बनी थी तथा वर्तमान इसके सचिव श्री अमिताभ कांत है।
गवर्निंग काउंसिल – इसकी गवर्निंग काउंसिल में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और संघ राज्य क्षेत्रों के उपराज्यपाल( जिन केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा है वहां के मुख्यमंत्री) शामिल होंगे।
विशेष आमंत्रित सदस्य – विभिनन क्षेत्रों के विशेषज्ञ( प्रधानमंत्री द्वारा नामित होंगे)

  1. श्री नितिन जयराम गडकरी, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री; सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री
  2. श्री थावर चंद गहलोत, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री
  3. श्री पीयूष गोयल, रेल मंत्री; तथा वाणिज्य और उद्योग मंत्री
  4. श्री राव इंद्रजीत सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय तथा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) योजना मंत्रालय

पूर्णकालिक सदस्य

श्री वीके सारस्वत
प्रोफेसर रमेश चंद्र
डॉ वी के पाल

पदेन सदस्य

  1. श्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री
  2. श्री अमित शाह, गृह मंत्री
  3. श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री और कॉरपोरेट कार्य मंत्री
  4. श्री नरेन्द्र सिंह तोमर; कृषि और किसान कल्याण मंत्री; ग्रामीण विकास मंत्री; पंचायती राज मंत्री।

अंशकालिक सदस्य

अग्रणी विश्वविद्यालय, शोध संस्थानों और अन्य सुसंगत संस्थाओं से अधिकतम दो पदेन सदस्य अंशकालिक सदस्य श्रेणी के आधार पर होंगे।
मध्य प्रदेश में अभी नीति आयोग की स्थापना नहीं की गई है अतः मध्यप्रदेश में 24 अक्टूबर 1972 से योजना आयोग काम कर रहा है |

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