मध्य प्रदेश के प्रमुख राजवंश | तोमर राजवंश

  • चौदहवीं सदी ई. के उत्तरार्द्ध में भारत पर तैमूर के आक्रमण तथा उसके परिणामस्वरूप मुस्लिम सत्ता डांवाडोल होने की परिस्थिति का लाभ उठाकर ग्वालियर में तोमर वंश की स्थापना हुई
  • ग्वालियर पर इस वंश का प्रभुत्व सोलहवीं सदी ई. के पूर्वार्द्ध तक रहा।
  • तोमर वंश का संस्थापक वीरसिंहदेव था ।
  • वीरसिंहदेव के उत्तराधिकारी क्रमशः उद्धरदेत तथा विक्रमदेव हुए। विक्रमदेत के राज्यकाल में 1402 ई. में नासिरुद्दीन मोहम्मद तुगलक के सेनापति मल्लु इकबाल खाँ ने ग्वालियर पर आक्रमण कर किले को जीतना चाहा, परन्तु प्रयत्न असफल रहा
  • अगले वर्ष उसने फिर से आक्रमण किया तथा विक्रमदेव को धोलपुर के निकट पराजित किया ।
  • 1404-05 ई. में इकबाल खाँ को विक्रमदेव के नेतृत्व में राजपूतों की सेना का सामना करना पड़ा, जिसमें राजपूतों की पराजय हुई
  • 1416 ई. में खिव्ञखाँ ने विक्रमदेव से कर वसूल करने के लिए अपने वजीर मालिक ताज-उल-मुल्क को भेजा ।
  • विक्रमदेव का उत्तराधिकारी डुंगरेन्द्रसिंह 1424 ई. में गद्दी पर बैठा।
  • अपने राज्यकाल के प्रारम्भ से ही उसे मुसलमानों से लोहा लेना पड़ा।
  • उसके राज्यकाल के प्रथम वर्ष में मालवा के शासक हुशंगशाह ने गवालियर किले की घेराबन्दी की
  • हुशंगशाह से पीछा छुड़ाने के लिए हुंगरेन्द्रसिंह को जौनपुर के शासक मुबारक शाह की सहायता लेनी पड़ी और उसे ‘कर’ भी देना पड़ा, परन्तु उसने अपना स्वतन्त्र अस्तित्त बराबर बनाये रखा।
  • दिल्ली के सुल्तान ने उससे कर वसूल करने के उद्देश्य से उसके विरूद्ध 1427, 1428, 1429 तथा 1432 ई. में सेना भेजी, परन्तु इन सभी प्रयत्नों को उसने विफल कर दिया
  • 1438 ई. में डुंगरेन्द्रसिंह ने नरवर के गढ़ को घेर लिया जो कुछ समय मालवा के सुल्तान के अधीन हो गया था, यद्यपि इस प्रयास में इुंगरेन्द्रसिंह असफल रहा, परन्तु भविष्य में नरतर तोमरों के अधीन अवश्य हो गया
  • 1455 ई. के लगभग डुंगरेन्द्रसिंह का उत्तराधिकारी कीर्तिसिंह गद्दी पर बैठा
  • अपने 25 वर्ष के राज्यकाल के दौरान इन्हें मुस्लिमों में अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए कभी जौनपुर कभी दिल्ली के मुस्लिम शासक को मित्र बनाना पड़ा
  • तोमर वंश का सबसे प्रतापी राजा मानसिंह (1486 ई. से 1517 ई.) हुआ ।
  • दिल्ली के लोदी शासक बहलोल लोदी, सिकंदर लोदी व इत्राहिम लोदी से टक्कर लेनी पड़ी
  • मानसिंह द्वारा रचित ‘मानकौतूहल संगीत का प्रमुख ग्रंथ है
  • गवालियर किले में ‘मान मंदिर’ तथा ‘गुजरी महल’ का निर्माण कराया, जो हिन्दू स्थापत्य कला का अप्रतिम उदाहरण है
  • 1517 ई. में इब्राहिम लोदी ने गवालियर पर आक्रमण किया , जिसमें मानसिंह की मृत्यु हो गई
  • विक्रमादित्य, तोमर वंश का अंतिम स्वतंत्र शासक था जिसे इब्राहिम लोदी ने पराजित कर गवालियर का किला जीत लिया तथा ग्वालियर् लोदियों के अधीन हो गया

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