मध्य प्रदेश के प्रमुख गुफाएँ | मध्य प्रदेश में पर्यटन

उदयगिरि की गुफाएँ

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित उदयगिरि में 20 गुफाएँ हैं। ये गुफाएँ चौथा-पाँचवी शताब्दी की है। गुफा न. 1 और 20 जैन धर्म से संबंधित हैं, जबकि गुफा नं. 5 वराह अवतार स सबधित है।
ये गुप्त वंश की अद्भुत निर्माण कला के उत्तम उदाहरण है।

भृतहरि गुफाएँ

ये गुफाएँ उज्जैन में स्थित हैं। इन गुफाओं की कुल संख्या 9 हैं, जिनमें से कुछ खंडित हो चुकी हैं।
परमार वंश के राजाओं ने इन गुफाओं का निर्माण 11वीं शताब्दी में राजा भर्तृहरि की स्मृति में कराया था।
ये गुफाएँ उज्जैन से लगभग 12 किलोमीटर दूर कालियादेह महल के पास स्थित हैं।
इन गुफाओं में निर्मित सभी चित्र रंगीन हैं, जो उज्जैन नगर की सभ्यता और संस्कृति के प्रतीक हैं।

मृगेंद्रनाथ गुफा

मध्य प्रदेश के पुरातत्व विभाग द्वारा इस गुफा की खोज वर्ष 2009 में की गई।
यह गुफा रायसेन जिले के पाटनी गाँव के समीप स्थित है।
इसकी लंबाई लगभग एक किलोमीटर है, जो राज्य की भीमबेटका गुफाओं से समानता रखती है।

बाघ की गुफाएँ

ये गुफाएँ धार जिले के समीप बाघनी नदी के किनारे बाघ नामक स्थल पर स्थित हैं।
इन गुफाओं का आकलन अजंता की गुफाओं की कलापूर्ण भित्ति-चित्रों से की जाती है।
इन चित्रों का निर्माण चौथी से सातवीं शताब्दी के मध्य किया गया है। इन्हें बौद्ध चित्रों के प्राण भी कहते हैं।
इनमें कुल 9 गुफाएँ थीं, जिनमें 4 नष्ट हो गइ हैं और 5 शेष बची हैं।
गुफा नं. 2 में 5 बौद्ध मूर्तियाँ पाई गई हैं, जिन्हें स्थानीय लोग पाँच पांडव मानते हैं।
गुफा नं. 4 को रंग महल कहा जाता है।

कबरा गुफाएँ

मध्य प्रदेश के रायगढ़ जिले में कबरा गुफाएँ स्थित हैं।
इनका निर्माण काल पाँचवीं शताब्दी माना गया है।
कबरा गुफाओं की संख्या लगभग 11 है।
इन गुफाओं में शिकार करते हुए (आखेट) चित्रों को मुख्य रूप से चित्रित किया गया है।
आकृतियों व चित्रकला के लिये पीले तथा गेरुए रंगों का इस्तेमाल किया गया है।

बिलौवा गुफाएँ

ये गुफाएँ मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में स्थित है। इनका निर्माणकाल लगभग 11वीं से 12वीं शताब्दी के मध्य हुई है।
इन गुफाओं में शैलकृत शैव प्रतिमा हैं।

आदमगढ़ ये गुफाएँ

ये गुफाएं प्रदेश के होशंगाबाद क्षेत्र में स्थित है। ये शैलकृत चित्रित गुफाएँ हैं।

भीमबेटका की गुफा(विश्व धरोहर)

यह विंध्य पर्वत श्रेणी की उत्तरी छोर से घिरा हुआ है- यह गुफा भोपाल से लगभग 40 कि.मी. दूर दक्षिण की ओर स्थित है।
यह मध्य प्रदेश की प्राचीन गुफा है, जो पुरापाषाण संस्कृति का अद्भूत उदाहरण है।
भीमबेटका की गुफा यह मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित है। इसका उत्खनन कार्य विष्णु वाकणकर ने कराया।
इस गुफा को भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, भोपाल मंडल ने 1990 में राष्ट्रीय महत्त्व स्थल घोषित किया। इसके बाद जुलाई 2003 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया।
विश्व धरोहर की सूची में यह मध्य प्रदेश का तीसरा स्थल है। इसके पूर्व खजुराहो के मंदिर और सांची के स्तूप भी विश्व धरोहर के रूप में शामिल किये जा चुके हैं।

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