मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग|Madhya Pradesh State Scheduled Tribes Commission

मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना 29 जून 1995 को की गई।

राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन

राज्य सरकार एक निकाय का गठन करेगी जो मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के नाम से जाना जाएगा आयोग निम्नलिखित से मिलकर बनेगा
1. आयोग का एक अध्यक्ष होगा जिसे राज्य सरकार के द्वारा नियुक्त किया जाएगा जिसे अनुसूचित जनजाति से संबंधित मामलों में विशेष ज्ञान हो।
2. दो अशासकीय सदस्य जो अनुसूचित जनजातियों से संबंधित मामलों में विशेष ज्ञान रखते हो।
3. आयुक्त, जनजाति विकास मध्य प्रदेश का

अध्यक्ष तथा सदस्यों की पदावधी और सेवा की शर्तें

  1. आयोग का प्रत्येक अशासकीय सदस्य, उस तारीख से,जिसको कि वह अपना पद ग्रहण करता है, 3 वर्ष की अवधि के लिए पद धारण करेगा।
  2. कोई अध्यक्ष या सदस्य किसी भी समय राज्य सरकार को संबोधित करके पद त्याग सकेगा|
  3. राज्य सरकार अध्यक्ष या सदस्य को पद से किसी भी समय हटा सकेगी

नोट – राज्य सरकार आयोग का एक सचिव नियुक्त करेगी तथा ऐसे अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की व्यवस्था करेगी जो कि आयोग की कृतयों के दक्षता पूर्ण पालन के लिए आवश्यक है।

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