मध्यप्रदेश की जनगणना | Census of Madhya Pradesh

2011 की जनगणना

  • प्रारंभ – 1 अप्रेल 2010 से
  • ध्येय वाक्य – हमारी जनगणना हमारा भविष्य
  • शुभंकर – प्रगणक शिक्षिका
  • जनगणना का प्रतीक चिन्ह बनाने का श्रेय – पदारबिंदा रथ
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 246 के अनुसार देश की जनगणना कराने का दायित्व केंद्र सरकार को सौंपा गया है।
  • भारत में जनसंख्या संगठन केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत है, जिसका उच्चतम अधिकारी भारत का महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त होता है।
  • भारत के प्रथम जनगणना आयुक्त – डब्ल्यू डब्ल्यू प्लोड़ेन
  • भारत में प्रथण जनगणना 21 फरवरी 1872 में लॉर्ड मेयो के निर्देशन में हुई थी, जिन्हें भारत में जनगणना का जनक माना जाता है |
  • भारत में क्रमबद्ध जनगणना गवर्नर जनरल लॉर्ड रिपन के कार्यकाल में 17 फरवरी 1881 से प्रारंभ हुई थी, इसके पश्चात प्रत्येक 10 वर्ष के पश्चात जनगणना होती है।
  • भारत की स्वतंत्रता के समय जनगणना आयुक्त – आर. ए. गोपाल स्वामी
  • 2011 की जनगणना के समय जनगणना आयुक्त – सी. चंद्रमौली
  • वर्तमान में जनगणना आयुक्त – श्री शैलेष
  • 2011 की जनगणना भारत की 15वीं और स्वतंत्र भारत की 7वीं जनगणना है।
  • 2001 की जनगणना में 593 जिले सम्मिलित किए गए थे जबकि 2011 की जनगणना में 640 जिले सम्मिलित किए गए है|
  • भारत में 1952 में राष्ट्रीय परिवार कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था।
  • राष्ट्रीय परिवार कल्याण योजना का प्रारंभ 1978 में किया गया था |
  • राष्ट्रीय सामाजिक जनसांख्यिकीय लक्ष्यों का शुभारंभ 2010 में किया गया था ।
  • राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 के अनुसार वर्ष 2045 तक 5 जनसंख्या स्थिरता प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाता है तथा मध्य प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण दिवस 11 मई को मनाया जाता है।

विश्व जनगणना का इतिहास

  • विश्व में सर्वप्रथम व्यवस्थित रूप से जनगणना कराने वाला देश – स्वीडन 1749
  • सर्वप्रथम दशकीय जनगणना कराने वाला देश – अमेरिका 1790

मध्य प्रदेश की जनगणना

  • मध्य प्रदेश की प्रथम जनगणना 1961 में हुई थी, 2011 की जनगणना मध्य प्रदेश की 6वीं जनगणना थी।

प्रमुख परिभाषायें

  • जनसंख्या घनत्व – किसी देश या क्षेत्र में प्रति वर्ग किमी. में निवास करने वाले व्यक्तियों की संख्या
  • लिंगानुपात – प्रति 1000 पुरुषों की तुलना में स्त्रियों की संख्या
  • शिशु लिंगानुपात – 0 से 6 आयु समूह के प्रति 1000 बालकों की तुलना में उसी आयु समूह की बालिकाओं की संख्या
  • दशकीय वृद्धि दर – 10 वर्षों के मध्य जनसंख्या में हुई प्रतिशत वृद्धि
  • साक्षरता दर – 7 वर्ष या उससे अधिक आयु के कुल जनसंख्या में साक्षरों का का प्रतिशत
  • साक्षर – 7 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति जो किसी भाषा को समझ सकता हो एवं उसे लिख व पढ़ सकता हो

मध्य प्रदेश की जनगणना

  • जनसंख्या – 7,26,26,809 (भारत की कुल जनसंख्या का 6%)
  • पुरुष – 3.76 करोड़ (51.70%)
  • महिला – 3.50 करोड़ (48.50%)
  • मध्य प्रदेश जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार एवं पश्चिम बंगाल के बाद पांचवें स्थान पर
  • सर्वाधिक जनसंख्या वाले जिले – इंदौर, जबलपुर, सागर, भोपाल, रीवा
  • सर्वाधिक जनसंख्या वाले संभाग – इंदौर, जबलपुर, उज्जैन
  • न्यूनतम जनसंख्या वाले जिले – निवाड़ी (4,04,807), हरदा (5,70,465), आगर मालवा (5,71,728), उमरिया, शिवपुरी
  • न्यूनतम जनसंख्या वाले संभाग – शहडोल, नर्मदापुरम, चंबल
  • सर्वाधिक क्षेत्रफल जिले – छिंदवाड़ा, सागर, शिवपुरी,
  • न्यूनतम क्षेत्रफल वाले जिले – निवाड़ी (1321.29 वर्ग किमी), भोपाल (2772 वर्ग किमी), आगर मालवा (2785 वर्ग किमी), दतिया (2902 वर्ग किमी)

लिंगानुपात

  • मध्य प्रदेश का लिंगानुपात – 931
  • सर्वाधिक लिंगानुपात वाले जिले – बालाघाट (1021),अलीराजपुर, मंडला, डिंडोरी
  • सर्वाधिक लिंगानुपात वाले संभाग – जबलपुर, इंदौर, शहडोल
  • सबसे कम लिंगानुपात वाले जिले – भिंड (837), मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी
  • न्यूनतम लिंगानुपात वाले संभाग – चंबल, ग्वालियर, सागर
  • सर्वाधिक ग्रामीण लिंगानुपात वाला जिला – अलीराजपुर
  • न्यूनतम ग्रामीण लिंगानुपात वाला जिला – भिंड
  • सर्वाधिक शहरी लिंगानुपात वाला जिला – बालाघाट
  • न्यूनतम शहरी लिंगानुपात वाला जिला – मुरैना
  • शिशु लिंगानुपात (0-6 वर्ष) – 918
  • ग्रामीण शिशु लिंगानुपात – 930
  • शहरी शिशु लिंगानुपात – 901
  • सर्वाधिक शिशु लिंगानुपात वाले जिले – अलीराजपुर (978), मंडला/ डिडोरी, बलाघाट बैतूल
  • सबसे कम शिशु लिंगानुपात वाले जिले – मुरैना (829), ग्वालियर, भिंड, दतिया
  • सर्वाधिक ग्रामीण शिशु लिंगानुपात – अलीराजपुर
  • न्यूनतम ग्रामीण शिशु लिंगानुपात – मुरैना
  • सर्वाधिक शहरी शिशु लिंगानुपात – डिंडोरी
  • न्यूनतम शहरी शिशु लिंगानुपात – मुरैना

जन घनत्व

  • मध्यप्रदेश का जनसंख्या घनत्व – 236 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
  • सर्वाधिक जनघनत्व वाले जिले – भोपाल (855), इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर
  • सर्वाधिक जनघनत्व वाले संभाग – भोपाल, इन्दौर, चंबल
  • न्यूनतम जन घनत्व वाले जिले – डिंडोरी (94), श्योपुर, पन्ना, बैतूल/रायसेन/सिवनी
  • न्यूनतम घनत्व वाले संभाग – नर्मदापुरम, शहडोल, सागर

साक्षरता

  • मध्यप्रदेश की साक्षरता – 42,851,169 (69.32%)
  • पुरुष साक्षरता – 25,174,328 (78.73%)
  • महिला साक्षरता – 17,676,841 (59.24%)
  • सर्वाधिक साक्षरता प्रतिशत वाले जिले – जबलपुर (81.1%), इंदौर, भोपाल,
  • सर्वाधिक साक्षरता प्रतिशत वाले संभाग – जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल
  • न्यूनतम साक्षरता प्रतिशत वाले जिले – अलीराजपुर (32.1%), झाबुआ, बड़वानी, धार
  • न्यूनतम साक्षरता वाले संभाग – इंदौर, शहडोल, रीवा
  • सार्वधिक पुरुष साक्षरता – इंदौर,
  • सार्वधिक महिला साक्षरता – भोपाल
  • न्यूनतम पुरुष साक्षरता – अलीराजपुर
  • न्यूनतम महिला साक्षरता – अलीराजपुर
  • सार्वधिक ग्रामीण साक्षरता – बालाघाट
  • न्यूनतम ग्रामीण साक्षरता – अलीराजपुर

जनसंख्या वृद्धि दर

  • मध्य प्रदेश की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर – 20.3%
  • सार्वधिक जनसंख्या वृद्धि दर वाले जिले – इंदौर, झाबुआ, भोपाल, सिंगरौली
  • सबसे कम जनसंख्या वृद्धि दर वाले जिले – अनूपपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, मंदसौर
  • सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्या वृद्धि दर वाला जिला – झाबुआ
  • न्यूनतम ग्रामीण जनसंख्या वृद्धि दर वाला जिला – मंदसौर/ नरसिंहपुर
  • सर्वाधिक शहरी जनसंख्या वृद्धि दर वाला जिला – रायसेन
  • न्यूनतम शहरी जनसंख्या वृद्धि दर वाला जिला – अनुपपुर

शहरी एवं ग्रामीण जनसंख्या

  • मध्यप्रदेश में ग्रामीण जनसंख्या – 52,557,404 (72.37%)
  • मध्यप्रदेश में शहरी जनसंख्या – 20,069,405 (27.63%)
  • सर्वाधिक नगरीय तथा न्यूनतम ग्रामीण जनसंख्या प्रतिशत वाले जिले – भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर
  • सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्या व न्यूनतम नगरीय जनसंख्या प्रतिशत वाले – डिंडौरी , अलीराजपुर, सीधी, झाबुआ

अनुसूचित जाति

  • अनुसूचित जाति की कुल जनसंख्या – 11,342,320 (15.6%)
  • सर्वाधिक अनुसूचित जाति की जनसंख्या वाले जिले – इंदौर, उज्जैन, सागर, मुरैना
  • न्यूनतम अनुसूचित जाति जनसंख्या वाले जिले – झाबुआ, अलीराजपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा
  • सार्वधिक अनुसूचित जाति प्रतिशत वाले जिले – उज्जैन, दतिया, टीकमगढ़, शाजापुर
  • न्यूनतम अनुसूचित जाति प्रतिशत वाले जिले – झाबुआ, अलीराजपुर, मंडला, डिंडोरी

अनुसूचित जनजाति

  • जनसंख्या – 15,316,784 (21.1%)
  • सर्वाधिक अनुसूचित जनजाति जनसंख्या वाले जिले – धार, बड़वानी, झाबुआ, छिंदवाड़ा
  • सर्वाधिक अनुसूचित जनजाति जनसंख्या प्रतिशत वाले जिले – अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, डिंडोरी
  • न्यूनतम अनुसूचित जनजाति जनसंख्या वाले जिले – भिंड, दतिया, मुरैना, मंदसौर
  • न्यूनतम अनुसूचित जनजाति जनसंख्या प्रतिशत वाले जिले – भिंड, मुरैना, दतिया

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